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Wednesday, June 29, 2016

Data Backup - Some Important Tips



क्या है डेटा बैकअप ?

डेटा बैकअप एक ऐसी प्रक्रिया है  जिसके दौरान हम  अपने कंप्यूटर पर मौजूद उपयोगी डेटा की कंप्यूटर में  हार्ड डिस्क पर किसी अन्य स्थान पर दुसरे फोल्डर में एक एक्स्ट्रा कॉपी संरक्षित  रखते हैं जरूरी नहीं कि डेटा  की यह दूसरी कॉपी हार्ड डिस्क  में ही संरक्षित  करे  इसे हम किसी अन्य स्टोरेज डिवाइस जैसे पेन ड्राइव ,कपक्ट डिस्क , डी  वी डी , एक्सटर्नल हार्ड डिस्क या फिर ऑनलाइन स्टोरेज जैसे ड्राप बॉक्स आदि  में संरक्षित कर  सकते हैं। 

क्यों जरूरी है डेटा बैकअप ?


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अक्सर कभी कभी कई कारणों की वजह से कंप्यूटर पर संरक्षित हमारे डेटा को नुक्सान पहुंच सकता है ये कारण  वायरस के कारण डेटा  का नष्ट  होना , प्राकृर्तिक आपदा के कारण डेटा नष्ट होना या फिर हमारी ही गलती से भूलवश डेटा डिलीट हो जाना आदि हो सकते हैं। इसलिए ऐसे में यह बेहद ही जरूरी है की हम अपने उपयोगी महत्वपूर्ण डेटा के एक्स्ट्रा कॉपी जरूर रखे। इसलिए दता बैक उप एक जरूरी प्रिक्रिया है। 



डेटा बैकअप करते समय  जरूरी बाते।  

  • डेटा  बैकअप करते समय स्टोरेज डिवाइस की क्षमता एवं उसकी गुणवत्ता का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। 
  • डेटा   को सुरक्षित   संरक्षित  करने के लिए अपने कंप्यूटर एंटी वायरस सॉफ्टवेयर इनस्टॉल करे। 
  • डेटा के  महत्व ,उसकी उपयोगिता के आधार पर पर ही उसका बैकअप  करे जो डेटा महत्वपूर्ण न हो उसके लिए डेटा बैकअप में स्टोरेज स्थान व्यर्थ न करें। 

  • डेटा बैकअप करने से पहले कंप्यूटर पर मौजूद डेटा को उसकी महत्ता के आधार पर उसे क्लास्सिफाई जरूर कर ले। 








Wednesday, June 22, 2016

Yoga's Importance for Everyone


कल सारे देश में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। कहते हैं कि  योग  करने से शरीर, मन और मष्तिष्क स्वस्थ रहते हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या  योग करना हर किसी  के लिए फायदेमंद है ? या कुछ यू कहे की कौन सा योग किस के लिए सही है और कौन सा गलत? इस बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।  आइये  थोड़ा इस बारे में। 

योग करने के बारे में डॉक्टरो का मत है कि दिल के रोगी एवं हाई ब्लड प्रेशर  की शिकायत रहने वालो व्यक्तियों को केवल कुछ प्रकार के योग ही करने चाहिए।  इसी प्रकार गठिया की बीमारी वाले व्यक्ति सभी प्रकरर के योग नहीं कर  सकते। खासकर की जिनके पेट का ऑपरेशन हुआ है ऐसे लोग ऑपरेशन के कम से कम 6  महीने बाद ही योग करें। 

वर्तमान में प्राणायाम , कपाल भाति का बहुत प्रचलन हैं।  भारत में घर घर में ये दोनों ही प्रकार  के योग सामान्य रूप से  किये जाते है।  लेकिन आपको बता दे कि दिल के बीमार एवं हाई ब्लड प्रेशर वाले व्यक्तिओ के लिए ये दोनों ही योग नुक्सानदायक  हैं।  इनको करने से ब्लड प्रेशर बढ़ने की सम्भावना रहती है। ऐसे व्यक्ति अनुलोम विलोम कर सकते हैं। 


                                             

  
दिल के रोगी एवं हाई ब्लड प्रेशर  की शिकायत रहने वालो व्यक्तियों को योग बहुत ही सोच समझकर एवं सावधानी पूर्वक करना चाहिए। आइये अब नज़र डालते हैं कुछ विशेष प्रकार के आसनो पर ।  

  • वज्रासन  - जो लोग घुटने की समस्या से पीड़ित है, वह इस योग को न करे ना करें। पेट की समस्या वाले लोगो के लिए फायदेमंद है। 
  • गौमुख आसन - गठिया के रोगी , जिनके पेट का ऑपरेशन हुआ हो एवं हिर्दय रोगी इसे  न करें। 
  • मकरासन - कमर दर्द की शिकायत रखने वाले एवं दिल के रोगी न  करें।  
  • भुजंगासन - जिनके कंधे में जयदा दर्द रहता हो या जिनके  हुआ हो वह इस आसन को न करें। 
  • धनुरासन - दिल के रोगी ,  हाई ब्लड प्रेशर एवं   पेट के ऑपरेशन वाले  व्यक्ति इस योग को न करें। 
  • मत्स्यासन - दिल के रोगी ,  हाई ब्लड प्रेशर एवं   पेट के ऑपरेशन वाले  व्यक्ति इस योग को न करें। 
  • हलासन - दिल के रोगी , कमर दर्द एवं पेट के ऑपरेशन वाले व्यक्ति इस आसन को न करें।  
  • चक्रासन - दिल के रोगी , हाई ब्लड प्रेशर वाले व्यक्ति इस आसन को न करें।  




Friday, June 17, 2016

Gases Harmful for Environment



वर्तमान में दिन  प्रतिदिन हमारी धरती गर्म होती जा रही है। ग्लोबल वार्मिंग की समस्या बढ़ती जा रही है। धरती पर पाये जाने वाली जहरीली गैस  इस दशा के लिए काफी हद तक जिम्मेदार हैं। धरती को बचाने के लिए नए नए प्रयास किये जा रहे हैं।  इन प्रयासों में से एक प्रयास ऐसा भी है जिसके बारे में जानकर आप हैरान रह जायेगे। तो आये जानते हैं इस प्रयोग के बारे में।  

वैज्ञानिकों का कहना है की कार्बन डाई ऑक्साइड जैसी जहरीली गैसे इसके लिए जिममेदार हैं।  हाल ही में वैज्ञानिकों ने धरती को इन जहरीली गैसों  के प्रकोप बचाने बचाने के लिए एक नया तरीका ढूंढ  निकाला है।  यह ट्रिक और कुछ नहीं बल्कि  वैज्ञानिकों द्वारा  कार्बन ढाई ऑक्साइड जैसी जहरीली गैसों को अब बर्फीली चटटान के रूप में बदलने का तरीका खोज लेना  है।




आइसलैंड में वैज्ञानिकों ने अपने इस शोध को अंजाम दिया है।  इस शोध को साउथ पैटन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जुएर्ग  मैटर  एवं उनकी टीम ने अंजाम दिया है। उनके द्वारा इजाद किये गए इस नए तरीके से अब धरती पर सभी जहरीली और हानिकारक गैसों को पथ्थरो और चट्टानों  में बदला जा सकता है।  अपनी इस शोध में इन्होने 95 % कार्बन डाई ऑक्साइड को चट्टान  में बदलने में सफलता हासिल की है। 

इनके द्वारा किये गए इस शोध को कार्बफिक्स परियोजना का नाम  दिया गया है।  इस शोध के  प्रमुख श्री जुएर्ग मैटर'जी का कहना है की इस शोध की मदद से ग्लोबल वार्मिंग के समस्या से काफी हद तक निपटा जा सकता है।  

कार्बन डाई ऑक्साइड को चट्टान में परिवर्तित करने की प्रकिर्या के बारे में आपको बता दे की इसके दौरान सबसे पहले धरती की सतह  से लगभग 550  मीटर की गहराई कठोर में कार्बन डाई  ऑक्साइड   एवं  पानी दोनों को पहुंचाया  जाता है जहां पर यह एसिड मिश्रण चट्टानों को घुला देती है जिसमे कैल्सियम एवं मैगनीशियम  पायी  जाती है। फिर इस घुली हुयी चट्टान की कैल्सियम  चुना पथ्थर में तब्दील हो जाती है।  इस प्रकार से करबओं ढाई ऑक्साइड एक बर्फीले पथ्थर में बदल जाती है।  

Wednesday, June 1, 2016

Security from Email Virus


ईमेल वायरस वर्तमान में प्रयोग किये जाने वाल सबसे अधिक असरदार वायरस है.जिसको कि ईमेल में डॉक्यूमेंट अटेच के रूप में आपको भेजा  जाता है। आपको पता भी नहीं होता कि  जिस डॉक्यूमेंट  या फाइल को अटेच करके आपकी मेल आईडी पर भेजा गया है ,उसमे वायरस हैऔर जैसे ही आप इस डॉक्यूमेंट को ओपन करते हो या डाउनलोड करते हो यह वायरस एक्टिव हो जाता है एवं आप इसके शिकार बन जाते हैं। 


ईमेल वायरस से होने वाली हानियाँ -


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ईमेल वायरस  एक्टिव होते ही यह कई प्रकार से आपको हानि पहुंचा सकता है।  यह नुक्सान उस वायरस में की गयी   कोडिंग  पर निर्भर करता है कि  इससे किस तरह का नुक्सान होने वाला है। इससे होने वाली हानिया इस प्रकार हैं -

  • जैसे कि जिस भी डिवाइस कंप्यूटर , लैपटॉप ,टेबलेट या मोबाइल जिसमे भी आप यह ईमेल ओपन करते हो उस डिवाइस पर स्टोर आपके डेटा को क्षति पहुंचाता है उसे करप्ट कर सकता है। 
  • जैसे ही  ईमेल वायरस एक्टिव होता  है यह आपके ईमेल अकाउंट से आपकी  कुछ प्राइवेट इनफार्मेशन जैसे एड्रेस या कांटेक्ट नंबर एवं  अन्य जानकारी ऑटोमेटिकली उस व्यक्ति के ईमेल एड्रेस पर भेज देता है जिसने आपको ईमेल वायरस भेजा है।   
  • तीसरा सबसे भयंकर प्रकार की हानि यह है कि जैसे ही यह ईमेल वायरस एक्टिव होता है, यह ऑटोमेटिकली आपके  अकाउंट में कांटेक्ट ऑप्शन में मौजूद आपके सभी मित्रगणों की ईमेल आईडी पर भी आपकी आईडी से भेज दिया जाता है। 




ईमेल वायरस से खुद को कैसे सुरक्षित रखे ?

ईमेल वायरस से खुद को सुरक्षित रखने के लिए इन बाते का ध्यान रखे -

  • यदि आप ईमेल सेन्डर से बिलकुल  अंजान हो तो कभी भी उसके द्वारा  आपकी  ईमेल  पर अटेच के रूप में  मिलने वाले डॉक्यूमेंट या फाइल को  ओपन न करें। 
  • अपने कंप्यूटर , लैपटॉप , मोबाइल या जिस डिवाइस पर आप ईमेल चेक करते हो उस पर अपडेटेड एंटीवायरस, एंटी  स्पायवेयर सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल करें ताकि'वह आपको  वाले डॉक्यूमेंट को  सम्बंधित जानकरी के लिए  स्कैन कर सके। यदि के बाद कोई वायरस सम्बंधित मेसेज आपको डिस्प्ले  होता है तो अटैचमेंट को ओपन न करें। 

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