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Saturday, April 18, 2015

तो यह है कुत्ते और इंसान के बीच दोस्ती का राज

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अरे ओ छोटू !

हाँ चाचा !

कछु सुनत रो कि नाय !

का चाचा ?का भयो?

अरे हम सुनत रहे कि कुत्ते और इंसान के बीच  दोस्ती का  राज उनकी आखे  है !

चाचा इसका मतलब  इंसान को कुत्तो को  अपना दोस्त बनाने  के लिए उनके  साथ भी आंखमिचौली खेलनी होगी ताकि दोनों गुन गुना सके "तुझे  देखा तो ये जाना सनम कि तू कितना बफादार है ......!"


हाँ शायद ऐसा ही होगा !

कुत्ते को एक बफादार जानवर माना जाता है।  वर्तमान समय में हर घर में कुत्ते का पाये जाना को आश्चर्य वाली बात नही है। शहर में तो खासकर आज हर घर में एक कुत्ता मिलता है और कुछ अमीर  लोग तो कुत्ते की परवरिश अपने बेटे जैसे करते हैं। आखिर करे भी  भी क्यों नही आखिर कुत्ता हमारे घरो की रखवाली जो करता है। यह कहना गलत होगा की कुत्ता केवल हमारे घर की रखवाली करता है बल्कि वो समय समय पर अपनी हरकतों के द्वारा हमारे  सुख दुःख में शामिल होने ,हमारे प्रति अपने भाव व्यक्त करने जैसा हमको महसूस करता है। 
आखिर ऐसा क्या है कुत्ते और इंसान के बीच जो की ये दोनों अलग अलग प्रकार के प्राणी होते हुए भी दोस्त बन जाते हैं। 


दरअसल इस बात का राज कुत्ते और इंसान की आँखों में छिपा है।  वैज्ञानिको की नयी खोज के अनुसार जब कुत्ते और इंसान दोनों एक दुसरे की आँखों में कुछ देर तक देखते हैं तो इस क्रिया से दोनों के अंदर प्यार के हार्मोन एवं "ऑक्सीटोसिन" लेवल में बढ़ोतरी होती है। आप को शायद ये लाइन पड़कर हसी आये लेकिन क्या करे शोधकर्ताओं  का यही कहना है साहब।  जापान के "Azabu University " के "बायोटेक्नोलॉजी एवं पशु विज्ञान विभाग " के सदस्य " Takefumi Kikusui" ने इस रिसर्च को अपने साथियो के साथ अंजाम दिया है। 


ऑक्सीटोसिन लेवल में बढ़ोतरी की वजह से एक दुसरे पर विश्वास  और भावात्मक सम्बन्धो को मजबूती मिलती है। इस तरह की एक रिसर्च पहले माँ और उसके छोटे बच्चे के बीच प्यार को लेकर भी हो चुकी है जिसमे यह पाया गया था कि माँ और छोटे बच्चे के बीच ये प्यार एक दोस्सरे कि आँखों में देखने के कारन ही होता है और बढ़ता है।  इसी क्रिया के कारण कुत्ता अन्य जानवरो जैसे भेडियो और चिम्पांजी से अलग है इनसे कही अधिक कार्यकुशल है।  कुत्ता मानव के सामाजिक वयवहार को समझता है और अपनी संवेदना भी व्यक्त  करता है। 

इस शोध के शोधकर्ताओं ने  इस शोध को काफी कुत्ते एवं उनके मालिको के बीच व्यवहार के आधार  पर अधयन्न किया है।  उनकी 30 मिनट तक हरी क्रिया को जैसे एक दूसरे को चुना , एक दुसरे को लगातार देखना  आदि और अपने अध्यन में ये पाया कि इस क्रिया के बाद कुत्ते और उनके मालिको के शरीर में  ऑक्सीटोसिन लेवल जो बढ़ोतरी मिली। 

ये आँखे भी अजब चीज है ,कब दोस्त बनवा देती हैं और कब प्यार करवा बैठती हैं कुछ पता ही नही चलता। 

13 comments:

  1. मनोज आप तो इंजीनियर के साथ साथ साहित्यकार भी हो। तकनीक और साहित्य का संगम।

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    1. अनुराग जी ऐसी कोई बात नहीं है , बस समय निकालकर थोड़ा लिखने का मन करता ह

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  2. इस अजब-गजब रिश्ते के इस गोपनीय रसायन से अब तक अपिरचित थे हम। आभार जानकारी देने के लिये :)

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  3. बहुत बढ़िया रोचक जानकारी ...

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  4. बहुत उपयोगी और रोचक जानकारी मनोज जी और उस पर
    आपका जानकारी देने का अंदाज़ तो और भी रोचक …… आभार।

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  5. धन्यवाद मनोज जी ,
    अपना अमूल्य समय मेरी लेखनी को देने के लिए।

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  6. बहुत ही शानदार रचना।

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  7. इस केमिल्कल क्रिया का तो पता नहीं ... पर ये सच है प्यार बांटने से प्यार मिलता है और कुत्ते भी अपवाद नहीं हैं ... अच्छा आलेख ...

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  8. इस रसायन की जानकारी नहीं थी। बहुत बढ़िया रोचक अंदाज में प्रस्तुति

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  9. आपके इस उत्कृष्ट आलेख का उल्लेख सोमवार की चर्चा - "चित्र को बनाएं शस्त्र, क्योंकि चोर हैं सहस्त्र (अ-२ / १९५१ चर्चामंच)" में भी होगा.
    सूचनार्थ
    https://charchamanch.blogspot.com/2015/04/20-1951.html

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  10. सभी पाठकगणों का शुक्रिया , आभार

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  11. इंसान और कुत्ते के बीच प्यार के वैज्ञानिक आधार की जानकारी देनें के लिये शुक्रिया।

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  12. इंसान और कुत्ते के बीच प्यार के वैज्ञानिक आधार की जानकारी देनें के लिये शुक्रिया।

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