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Thursday, February 25, 2016

भारत में 35 करोड़ के पार पहुंची इंटरनेट प्रयोगकर्ताओं की संख्या !

आपको यह जानकर  ख़ुशी होगी की तकनीक के इस समय में सुचना एवं संचार तकनीक के उपयोग के क्षेत्र में हुयी अद्भुत क्रांति के चलते आज भारत  में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या 35  करोड़ के पार पहुंच गयी है  अभी हाल  ही में बहुराष्ट्रीय कंपनी ‘गूगल’ के अनुसार भारत में 35 करोड़ लोग इंटरनेट का उपयोग करते हैं। इनमें से 15.20 करोड़ लोग इंटरनेट का उपयोग मोबाइल फ़ोन के माध्यम से करते हैं। हाल ही में गूगल और वाक्स फांउडेशन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित पत्रकारों की कार्यशाला में गूगल इंडिया के स्ट्रेटेजिस्ट सर्च क्वालिटी आशीष कल्सी ने यह बात कही कि  , भारत में 35 करोड़ लोग इंटरनेट का उपयोग करते हैं तथा इनमें से 15.20 करोड़ मोबाइल फोन के जरिये इंटरनेट उपयोग करते हैं।

Keywords: number of internet users in india,google research report on internet users in india

उनके अनुसार  वर्ष 2017 तक भारत में 50 करोड़ लोग इंटरनेट के उपयोगकर्ता हो जायेंगे तथा इनमें से 40 करोड़ मोबाइल फोन के जरिये इंटरनेट इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने गूगल के विभिन्न टूल्स के बारे में उपस्थित पत्रकारों को विस्तार से बताया साथ ही पत्रकारों की जिज्ञासा का भी समाधान किया।
आपको बता दे कि   भारत में आज गूगल पर 95 प्रतिशत अंग्रेजी भाषा का उपयोग किया जाता है तथा शेष पांच प्रतिशत उपयोग में सभी भारतीय भाषाएं शामिल हैं। लेकिन इसके साथ ही  भारतीय भाषाओं में सबसे अधिक उपयोग हिन्दी का हो रहा है और यह तेज गति से बढ़ता ही जा रहा है।उन्होने कहा की आज जिसके पास सामग्री है वह राजा है और गूगल सभी लोगों को समान अवसर देता है, बशर्ते उनकी सामग्री पुख्ता होनी चाहिये।
लेकिन साथ ही साथ  दुःख का विषय यह है की जहा एक और हम तकनीक के साथ कदम मिलाकर बढ़ते हुए आधुनिक  जीवन शैली को अपना रहे हैं , वही अपने नैतिक  मूल्यों से दूर होते जा रहे हैं। पढ़े लिखे होने पर भी अपने संस्कारो से दूर होते जा रहे हैं।  अपनी सहनशक्ति को खोते जा रहे हैं , छोटी छोटी बातो पर आपस में झगड़ पड़ते हैं,  धार्मिक मुद्दो को  ज्वलनशील बना देते हैं जिसके कारन देश का माहौल ख़राब होता है जो की एक सोचनीय विषय है। 

Sunday, February 7, 2016

क्या इसलिए है एलियन की कहानी उलझी हुयी !


आये दिनों हम लोग अक्सर एलियन के बारे में कुछ न कुछ रिसर्च पड़ते रहते हैं , सुनते रहते हैं अक्सर हमे सुनने में आता है कि  इस अंतरिक्ष में कही न कही किसी न  किसी  ग्रह पर  एलियन का अस्तित्व है। लेकिन पिछले कुछ  वर्षों में एलियन की खोज में कोई  सफल  परिणाम नहीं मिल पाये  है जिनके  आधार  पर किसी सत्य निर्णय पर पंहुचा जा सके , इसका एक प्रमुख कारण जो सामने आया  है वह "उन ग्रहों पर कम अवधि का जीवन" है। वैज्ञानिकों के अनुसार  इन ग्रहों पर जीवन मुश्किल है, इसलिए उन पर पाये जाने  प्राणी जल्दी ही विलुप्त हो जाते हैं।
                                                      
हाल ही में इस  शोध समूह में शामिल  आस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी के भारतीय मूल के आदित्य चोपड़ा अनुसार  यह ब्रह्मांड रहने योग्य कई ग्रहों से भरा है, इसलिए वैज्ञानिकों की धारणा है कि इन ग्रहों पर एलियन भी  होने ही  चाहिए। लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। क्योंकि तापमान में होने वाले लगातार बदलाव  ने इन ग्रहों पर जीवन को कभी  अधिक समय तक टिकने  ही नहीं दिया, जिसके कारण वहां पर जीवन का विकास नहीं हो पाया। 

Keywords: Research on Aliens's Silence Reason,The Case for a Gaian Bottleneck: The Biology of Habitability, research by aditya chopra on aliens,


उन्होने कहा कि इन  ग्रहों के पर्यावरण रहने योग्य वातावरण, जीवन निर्मित करने में लम्बे समय तक सक्षम नहीं  हैं, क्योंकि जीवन के लिए ग्रीन हाउस गैसों को विनियमित करने की जरूरत है। पानी और कार्बन डाइऑक्साइड सतह के तापमान में स्थिरता लाने के लिए जरूरी होते हैं।  ये प्रकिर्याएं  इन ग्रहो पर स्थिर नहीं हैं। 

यदि  हम शुक्र और मंगल ग्रह  की बात करे तो  हमारी पृथ्वी के चार करोड़ साल पहले शुक्र और मंगल शायद रहने योग्य थे, लेकिन इसके एक लाख साल बाद शुक्र गर्म और मंगल ठंडे ग्रहों में तब्दील हो गया। इस अध्ययन के अन्य सहयोगी  चार्ली लीनवीवर के  अनुसार 'शुक्र और मंगल के तेजी से बदलते वातावरण में सूक्ष्म जीवन स्थिर रहने में विफल रहे हैं। वहीं पृथ्वी पर स्थिर तापमान ने जीवन के विकास में अहम भूमिका निभाई।यह अध्ययन "एस्ट्रोबायोलॉजी" पत्रिका में प्रकाशित किया गया है।

 इस शोध पत्र को पढ़ने  के लिए, अधिक जानकारी के लिए रिफरेन्स में दिए गए  लिकं पर क्लिक करें 

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