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Monday, June 15, 2015

आँखों की सकारात्मक और नकारात्मक भाषा !

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अक्सर जब हम किसी से बात करते हैं तो हमसे बात करने वाला व्यक्ति  हमारे शब्दों के साथ साथ हमारी बॉडी लैंग्वेज पर भी ध्यान देता है।  हमारी शारीरिक भाषा हमारी सकारात्मक और नकारात्मक छवि का प्रदर्शन करती है।  हमारी शारीरिक भाषा में हमारे चलने  का तरीका , किसी से बात करते समय हमारे हाथो का मूवमेंट , हमारे बैठे का तरीका  , हमारे चेहरे के हाव भाव , किसी से हमारे हाथ मिलाने का तरीका आदि चीज़ो पर विशेष ध्यान दिया जाता है।  इन सभी में हमारे आँखों की भाषा सबसे अधिक महत्वपूर्ण होती है क्यों कि जब हम किसी से बात कर रहे होते हैं तो हमसे बात कर रहे व्यक्ति की नज़र सीधे हमारे चेहरे पर होती है। 

यदि आप कोई इंटरव्यू देने जा रहे हैं  या फिर आपकी  अपने बॉस के साथ कोई ऑफिसियल मीटिंग है  या जब आप किसी नए व्यक्ति से मिलते हैं या आपको कोई प्रेजेंटेशन देनी है या कोई लेक्चर देना है तो इन सभी परीस्थितियों में अपनी सकारात्मक छवि के प्रदर्शन के लिए आपको आँखो भाषा के बारे में पता होना जरूरी है। सकारात्मक छवि बताने वाली आँखों कि भाषा को धीरे धीरे अपनी आदत में शामिल करकर  हम खुद को एक कॉंफिडेंट पर्सनालिटी के रूप में खुद को  दुसरो के समक्ष पेश कर सकते हैं और नकारत्मक भाषा से बच सके  होने वाले   नुक्सान  से खुद को बचा सकते हैं    और  अपने कार्य   को सफल बना  सकते हैं। 

तो  फिर देर किस बात की है आइये  जानते हैं आँखों की भाषा के बारे में  कहती हैं आपकी आँखे -

  • जब आप किसी से आँखे निचे करके बात करते हो तो यह प्रदर्शित करता है कि  आप बात करते समय  घबरा रहे हो  या नर्वस हो रहे हो, भावुक होने पर भी अक्सर ऐसा होता है। यह एक कॉन्फिडेंट पर्सनालिटी का लक्षण नहीं है। 
  • जब आप अपने चेहरे पर हल्की मुस्कान लिए सामने वाले से आँखे मिलाकर बात करते हो तो यह आपकी सकारात्मक सोच आपके रुचि  को दर्शाता है। यह आपकी कॉन्फिडेंट पर्सनालिटी को प्रदर्शित करता है। 
  • जब आप किसी बात करते समय अपनी आँखों को बायीं तरफ ले जाते हो या बायीं तरफ देखने की कोशिश   करते हो तो यह प्रदर्शित करता है की आप उस समय आप कुछ याद करने की कोशिश  कर रहे हो। 
  • जब आप किसी बात करते समय अपनी आँखों को  दांयी  तरफ ले जाते हो या दांयी  तरफ देखने की कोशिश   करते हो तो यह प्रदर्शित करता है की आप कुछ क्रिएटिव सोच रहे हो या कुछ प्लान कर रहे हो।  
  • किसी से बात करते समय अगर आप बार बार आँखों को इधर उधर करते हो तो यह प्रदर्शित करता है कि  उस समय  आप कुछ झूठ बोल रहे हो या छिपा रहे हो। 
  • किसी से बात करते समय अगर आप ऊपर की तरफ देख रहे हो तो यह प्रदर्शित करता है कि उस समय आप अपने मष्तिष्क में फोटो /चित्र के साथ कुछ विचार कर रहे हो। 
  • अगर आप किसी से बात करते समय अक्सर बार बार अपनी आँखों को निचे कर लेते हो तो यह प्रदर्शित करता है कि आप सामने वाले व्यक्ति से बात करने में खुद को असुरक्षित या कष्टप्रद महसूस कर रहे हो।    

कुछ और भी भाषाए होती हैं आँखों की जैसे  रोना , किसी पर गुस्सा  करना , किसी  के प्रति प्यार व्यक्त करना आदि। याद रखे कि किसी से बात करते समय आपकी आँखे बहुत कुछ ऐसा कह देती  हैं जिसका आपको पता भी नहीं लगता और फिर उस बात का परिणाम आने पर आप कहते हो ऐसा  कैसे हो  गया ?  इसलिए सचेत रहिये और एक सकारात्मक प्रदर्शित करिये। 

6 comments:

  1. Please check my post and vote:

    https://www.indiblogger.in/indipost.php?post=452573

    Cheers!!

    UK

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  2. बहुत अच्छी जानकारी है

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  3. उपयोगी जानकारी हैं
    सुनील कुमार सजल

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  4. बहुत ही उपयोगी जानकारी।

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  5. सभी पाठकगणों का शुक्रिया

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