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Friday, March 20, 2015

जैविक खेती - भाग एक !

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दोस्तों आज की इस पोस्ट में हम बात करेंगे  कृषि विज्ञान से सम्बंधित जैविक खेती की।  जिस तरह से आज के समय में बढ़ते टेक्नोलॉजी के प्रयोग ने मानव जीवन को एडवांस बनाया है।  उसी तरह से कृषि में नये नये तरीके दिन प्रति दिन कृषि वैज्ञानिको दवरा खोजे जा रहे हैं, ताकि कृषि क्षेत्र को और बेहतर  बनाया जा सके। जैविक खेती , खेती करने का एक ऐसा  ही आधुनिक रूप है।  जैविक पद्धति से खेती में रासायनिक कीटनाशियों , करपतवारो और उर्वरको के उपयोग की जगह गोबर की खाद , कम्पोस्ट , वर्मी कम्पोस्ट , हरी खाद , जीवाणु कल्चर , राइजोरियम इत्यादि पोषक तत्वों के रूप  में प्रयोग किये जाते है. एवं हानिकारक जीवो के नियंत्रण करने के लिए भी जैव नाशियो जैसे की ट्राईडरमा , नीम , धतूरा , गौमूत्र जैसी चीज़ो का प्रयोग किया जाता है।  इनको प्रयोग करने के दो बड़े फायदे यह हैं की ऐसा करने से भूमि की ऊर्वर शक्ति भी बानी रहती है और पर्यावरण भी परसदूषित नही होता साथ ही साथ उत्पादन के गुणवत्ता भी बनी रहती है  । 



                          



जैविक खेती के लिए जरूरी कुछ बाते निम्न हैं जिनको ध्यान में रखना जरूरी है -

भूमि प्रबंधन - भूमि प्रबंधन के लिए मुख्यता सड़ी  हुयी गोबर की खाद , कम्पोस्ट खाद का उपयोग किया जाना फायदेमंद है भूमि प्रबंधन ककए लिए दलहनी फसलो को महत्व देना फायदेमंद हैं। 

जल प्रबंधन - जैविक खेती के लिए भूमिगत जल का उपयोग करना बेहतर होता है। 

बीजोपचार - जैविक खेती में बीजो को ऊचारित कर बोना जरूरी है। इसके लिए गोबर , गौमूत्र का प्रयोग किया जाता है इससे बीजो में फफूंद का नियंत्रण होता है। 

खाद - जैविक खेती हेतु गोबर की पाकी हुयी कम्पोस्ट खाद, हरी खाद का उपयोग किया जाना चाहिए।  इसके अलावा पी.सी.बी नीलरहित शैवाल और राइजोवियम का उपयोग भी करना चाहिए ऐसा करने से नाइट्रोजन की पूर्ती होती है। 

कीट नियंत्रण - कीटो के नियंत्रण हेतु गौमूत्र , नीम , छाज, लहसुन , मिर्च और तम्बाकू का काढ़ा बनाकर छिड़काव करने से बीमारियो पर नियंत्रण पाया जा सकता है। 

खरपतवार नियंत्रण - जैविक खेती में खरपतवार नियंत्रण के लिए प्रति तीन वर्ष बाद खेत जी गहरी जुताई करना जरूरी है और फसलो में कतारो में   हाथ से खुल्फा चलकर  नीलाई करना भी बहुत जरूरी है।  

कटाई , गहाई  और भंडारण - जैविक खेतीमे कटाई , गहाई को साधारण तारीकी से की जा सकती है ,लेकिन भण्डारण से पहले बीजो को अच्छी तरह से सुखाकर सफाई करे और नीम की पट्टी का उपयोग कर भण्डारण करे।  

तो  भाईओ ये थी जैविक खेती से जुडी कुछ प्रमुख बाते। जैविक खेती के अगले भाग  में फिर  हाजिर  होगे  कुछ महत्वपूर्ण बातो  के साथ। 

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8 comments:

  1. जैविक खेती के बारे में बहुत अच्छी जानकारी.
    नई पोस्ट : शब्दों की तलवार

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    Replies
    1. आप अक्सर मेरी पोस्ट पढ़ते हैं देखकर अच्छा लगता है !
      शुक्रिया राजीव सर

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  2. Very Scientific Blog post..
    Happy Navratra

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    Replies
    1. शुक्रिया संजू भाई

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  3. जैविक कृषि पर बहुत उपयोगी जानकारी...

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  4. जैविक खेती के बारे में बहुत अच्छी जानकारी.

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  5. शुक्रिया हिमकर जी और संजय जी

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