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Sunday, February 23, 2014

मंगल ग्रह से ऐसी दिखायी देती है हमारी धरती


दोस्तों हमको हमारा देश ही इतना बड़ा लगता है  और जब सारी धरती कि बात करते हैं और इस पर पाये जाने वाली सभी जीवो और प्राकर्तिक चीजो को देखते और सुनते है तो हमको अपनी धरती के बहुत बड़ा होने का आभास होता है हम अपनी किताबो  और इंटरनेट पर अक्सर अन्यो ग्रहो का अध्ययन करते रहते हैं वो धरती से कैसे दिखायी देते  हैं हैं उनकी फ़ोटो भी देखते हैं , लेकिन इतना आश्चर्य नहीं होता  कि जितना ये सुनकर और देखकर होता है कि क्या सच में हमारी धरती भी ऐसी  दिखायी  देती है  अभी हाल ही में मंगल से ली गयी  धरती की इस फ़ोटो को जरा ध्यान से देखिए आपको एक भौत छोटा सा बिन्दु दिखाय़ी देगा जो कि हमारी धरती है मंगल ग्रह से नासा के विमान क्यूरियॉसिटी ने धरती की एक फोटो भेजी है। 
                              



मंगल से पृथ्वी की यह पहली तस्वीर है जिसमें दिखता है कि 10 करोड़ मील दूर से पृथ्वी कैसी दिखती है। देखने में भले ही यह एक छोटा सा बिंदू लगता है, लेकिन यह तस्वीर एक खास वजह से अहम है। अब तक अंतरिक्ष से पृथ्वी की जितनी भी तस्वीरें ली गई हैं, उनमें हमें हरियाली या पानी का नीला रंग ही नजर आता है। पहली बार किसी तस्वीर में पृथ्वी एक छोटे से तारे जैसी दिखाई दी है। इस बिंदू के पास ही चांद भी एक ऐसी ही छोटे से तारे के रूप में नजर आता है।जसको अलग से दूसरी फ़ोटो में देखा  जा सकता है 




इस तस्वीर को क्यूरियॉसिटी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया है। इस तस्वीर के साथ लिखा है, 'हैरत से पीछे देखो...मंगल की सतह से पृथ्वी की मेरी पहली तस्वीर।'

Reference : http://www.foxnews.com/science/2014/02/06/



Wednesday, February 12, 2014

लीजये हमारे देश में चीटियों की चटनी भी खायी जाती है !






खाने को तो इस दुनिया में जाने क्या क्या  खाया  जाता हैतो फिर अगर आपको  पता लगे कि हमारे देश में चीटियों कि चटनी भी खायी जाती है तो  चौकना मत क्यों कि हमारे देश के छत्तीसगढ़ राज्य में " चीटियों कि चटनी " भी मिलती है।  फ़ूड राइटर रचना भट्टाचार्य ने इस  चटनी स्वाद चखा है और ये अनुभव  किया कि नमक में घुली मिली इस चटनी का स्वाद खट्टा मीठा होता है यूं तो जानने वाली बात  ये भी है कि चीटी को यूनानी भाषा में फार्म भी कहते हैं इसलिए चीटी से  अम्ल को फार्मिक अम्ल भी कहते हैं चलते चलते  ये भी जान ले कि महान वैज्ञानिक आइंस्टीन के मष्तिष्क के  रासयनिक विशलेषण में  फार्मिक अम्ल होने पता  लगा था यानि कि क्या फिर फार्मिक अम्ल  आदमी का दिमाग है ? पता नहीं साहब !

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