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Sunday, December 28, 2014

जरा इनकी भी सुनिये - अंक 2 !

(1) केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पुलिस भर्ती में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की बात कही है। इसके लिए वह सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र भी लिखेंगे।

अपना कमेंट - श्रीमान जी  महिलाओ को पुलिस में भर्ती की बात तो समझ में आती है पर पहले आप ये बताओ कि जाती के नाम पर जो आरक्षण आप लोग देते हो वो खत्म करोगे या नही।  सामान्य वर्ग के युवा आत्महत्याए करने को मजबूर हैं।  जब तक सामान्य वर्ग के छात्र  कोई  बड़ा स्टैंड नहीं लेंगे तब तक आप लोगो के कानो पर जूं नही रगेगी।  


(2) पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा नेता डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा है कि घर वापसी अभियान को धर्मांतरण नहीं कहा जा सकता। इसमें अपने ही भटके हुए लोग अपने धर्म (घर) में लौट रहे हैं। देश में रहने वाला हर व्यक्ति हिंदुस्तानी है। 


अपना कमेंट - लगता है हमारे पूर्व केंद्रीय मंत्री जी को हिन्दुस्तान का मतलब नही पता वो हिन्दुस्तान कि सही परिभाषा नही जानते अगर जानते तो ऐसा नही कहते।  


(3) मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर बहुचर्चित बहिष्कार की घटना के लगभग तीन दशक बाद पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने विरोध जताने के अपने तरीके पर शनिवार को खेद जताया और कहा कि यह उनकी तरफ से बहुत बड़ी गलती थी . मुझे 1981 के अपने व्यवहार पर खेद है : गावस्कर


अपना कमेंट - हाँ अब तो कहोगे ही , बात पुरानी जो हो गयी है अगर 1981 में ही कह देते तो आज ये रूतबा नही मिल पाता ।  

(4) फिल्म अभिनेता तुषार कपूर ने सनी लीओन की तारीफ़ में कहा, ‘सनी के साथ काम करने का अनुभव शानदार रहा। वो बेहतरीन एक्ट्रेस हैं और इतनी ही अच्छी इंसान भी। वो बॉलीवुड की नंबर वन एक्ट्रेस हैं।  

अपना कमेंट - बढ़िया है तुषार भाई,  सही जा रहे हो।  

Sunday, December 14, 2014

जरा इनकी भी सुनिए - अंक 1 !


(1) जम्मू कश्मीर को परिवारवाद से मुक्ति दिलाये।  
                                           - प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ( जम्मू कश्मीर चुनाव प्रचार के दौरान )

(2) ये क्या हरिदासपाल (बंगाल के राजा ) हैं जो अपनी मन  की करेंगे।  अगर मैं प्रसाशन में न होती तो इनकी जीभ खींच लेती।  

                                        - ममता बनर्जी ( मोदी सरकार पर वार करते हुए ). 

(3) आजम खान भी हिन्दू हैं चाहे तो डी.एन.ए. टेस्ट करा ले -

                                          -   विश्व हिन्दू परिषद के राष्टीय सचिव चम्पत राय। 


हम तो यही कहेंगे कि  जम्मू कश्मीर में परिवाद हो या न हो लेकिन  आगरा में धर्म परिवर्तन की जो घटना हुयी उससे बड़ा शर्मनाक  क्या होगा। उत्तर प्रदेश को  ऐसा टारगेट बना रखा है जो भी करना करवाना हो , तो उत्तर प्रदेश है , ऐसे हैं अच्छे दिन। उत्तर प्रदेश राजनीति के चंगुल में ऐसा फस  गया है की इसका विकास अब कोशो दूर है जबकि भारत वर्ष का जो गौरवपूर्ण इतिहास है वो यही का है सब मिट गया मिटटी में।  


Thursday, December 11, 2014

अब आपके लैपटॉप की बेकार बैटरी घरो में रौशनी करेगी !

आज के समय में लैपटॉप का प्रयोग करने वालो की संख्या  काफी बढ़ गयी है। अगर  आप भी लैपटॉप प्रयोग करते हैं तो कृपया अपने लैपटॉप की बेकार बैटरी को फेके नही और न ही कबाड़ी वाले को दे क्यों कि  अब आपके लैपटॉप के बेकार  बैटरी से रौशनी की जा सकती है।   गरीबो के  घरो में उजाला लाया जा सकता हैं जिन घरो में बिजली का कनेक्शन नही  है या  गावो  में   जहा बिजली बहुत   कम आती है जैसे की उत्तर प्रदेश के गाव बेचारे अँधेरे में डूबे रहते हैं हमेशा। 




अभी हाल ही में कंप्यूटर बनाने वाली कंपनी आई. बी. एम ने एक रिसर्च की जिसमे उन्होने लैपटॉप की बेकार हुयी बैटरियों पर एक परीक्षण किया और पाया कि  एक बेकार बैटरी से एक बल्ब को लगातार  एक साल तक प्रतिदिन चार घंटे तक जलाया जा सकता है।  आई बी. एम कंपनी ने इस परीक्षण को बंगलौर शहर में किया।   आई बी. एम कंपनी की इस रिसर्च  की प्रशंसा विश्व प्रमुख  MIT इंस्टिट्यूट ने भी की है और इस रिसर्च को  अपनी एक कांफ्रेंस में प्रस्तुत करने का निर्णय लिया है।  आई. बी. एम की इस शोध को करने वाली टीम का कहना है कि इस रिसर्च की मदद से इ कचरे की समस्या से भी कुछ हद तक निपटा जा सकता है और साथ ही साथ ये रौशनी का एक सस्ता विकल्प है।  लैपटॉप की बेकार हुयी बैटरी से लाइट उतपन करने के लिए आई बी.एम टीम ने एक UrJar नाम की डिवाइस बनायीं है जो की लैपटॉप की बेकार बैटरी से लिथियम आयन सेल को प्रयोग करके कम  क्षमता वाली बिजली उतपन्न की जा सकती है जिससे LED बल्ब को जलाया जा सकता है और घरो में रौशनी की जा सकती है इस रिसर्च में लैपटॉप की बेकार बैटरी से लाइट उतपन्न  किये गए गए कुछ चित्रो को पोस्ट में दर्शाया  गया है।  इस रिसर्च के पूरे रिसर्च पेपर को पढ़ने के लिए  अधिक जानकारी के लिए आप रिफरेन्स में दिए गए लिंक पर क्लिक  कर सकते हैं।  जहा से इस जानकारी को लिया गया है। 


रिफरेन्स : http://www.dgp.toronto.edu/~mjain/UrJar-DEV-2014.pdf

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Sunday, December 7, 2014

क्या विज्ञान , ज्योतिष के आगे बौना है ?


अरे ओ छोटू । 

हाँ भैया।  

कछु सुनत रहो की नाय।  

का भैया का भयो ?

अरे हम खबर सुनत रहे क़ि उत्तराखंड के  पूर्व  मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक जी ने विज्ञान को ज्योतिष के सामने बौना बताया है।  

भैया लगता  है निशंक जी  , मुख्यमंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहकर भी विज्ञान की शक्ति को नही पहचान पाये जरूर स्कूल के दिनों में उनके विज्ञान में सबसे कम  अंक आते होंगे वरना विज्ञान के लिए ऐसे शब्द नही कहते।

हाँ शायद ऐसा ही होगा।






अभी 3  दिन पहले का माजरा है जब उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री माननीय रमेश पोखरियाल निशंक जी ने संसद में कहा क़ि विज्ञान,  ज्योतिष के सामने बौना है।  दोस्तों हर किसी क़ि अपनी अपनी सोच है किसी को अरहर  दाल पसंद आती है तो किसी को दाल मखानी अब क्या कह सकते हैं पर निशंक जी आप तो पढ़े लिखे हैं आपको तो आपको ये बयान शोभा नही देता।  आपने तो हर तरह क़ि दाल खायी होगी मसूर, उड़द , अरहर,मूंग ,गागा जमुनी , चने क़ि दाल  मतलब जब आप सी.एम. रह चुके हैं तो आपने  तो सभी विभागों को मॉनिटर किया ही होगा . फिर आप ऐसा काहे बोल गए ? अगर आपके ज्योतिष में विज्ञान से ज्यादा शक्ति है तो आपके ज्योतिष ने क्यों नही बताया आपके  उत्तराखंड में आने वाली बाढ़ के बारे में  ? क्यों नही रोक पायी आपकी ज्योतिष उस भयंकर मंजर को ? शायद आप ये भूल रहे हैं क़ि उस बाढ़ में फसे ज्यादातर  लोगो को बचाने में सेना  के जवानो  ने हेलीकॉप्टर का सहारा लिया था जो क़ि उस विज्ञान की ही देन है जिस को आप बौना बता रहे हैं। और आज भी विज्ञान की ही मदद से  मौसम और भूकम्प  से सम्बंधित आपदा का पता लगाकर लोगो की जाने बचाई जाती हैं ताकि उन्हे सुरक्षित जगहों पर पहुचाया जा सके।  खैर अच्छे दिन आ रहे हैं और आगे भी आने वाले हैं कुछ लोगो कुछ महीने पहले  भविष्यवाणी की थी जरूर उनको ज्योतिष का ज्ञान होगा। 

Friday, December 5, 2014

मानव जीवन का रहस्य सुलझा या नही ?

काफी समय से मानव जीवन से सम्बन्धित रहस्यमय गुत्थी को सुलझाने में वैज्ञानिको ने काफी रीसर्च कीहै शायद ये उनकी महेनत का ही ही नतीजा है कि वो आज इस बात का दावा कर रहे है कि मानव जीवन कि गुत्थी अब सुलझ चुकी है । आओ जाने क्या कहते है आयरलैंड यूनीवर्सिटी के जीव वैज्ञानिक -आयरलैंड के वैज्ञानिकों ने दो अरब साल पुरानी इस गुत्थी को सुलझाने का दावा किया है कि आखिर जीवन की शुरुआत कैसे हुई होगी? नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ आयरलैंड के शोधकर्ताओं के मुताबिक दो एकाकी कोशिकाओं ने एक साथ जुड़कर धरती पर बहुकोशिका वाले जीवधारी को जन्म दिया होगा। वैज्ञानिक शब्दावली में इसे ‘नेचर्स बिग बैंग’ कहा जाता है। 




दो अरब वर्ष पहले ये घटना एक बार हुई थी जिसमें दो एकाकी कोशिकाओं से न्यूक्लियस वाली कोशिका की संरचना हुई। ‘न्यूक्लियस’ कोशिका का डीएनए और आरएनए वाला हिस्सा होता है, जो प्रजनन और विकास के लिए जरूरी है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि संभवत: इसी से प्रकृति का विकास हुआ होगा। इससे मानव के सबसे पुराने पूर्वज का पता लगाने में कामयाबी मिली है। कैसे किया शोध : -वैज्ञानिकों ने खमीर के जिनोम की मैपिंग से मिली जानकारी को आधार बनाया। इससे विश्लेषण से एक यूकारयोटे में बैक्टीरिया की कोशिकाओं और लाखों साल पुरानी कोशिकाओं के सबूत मिले। कीटाणु, जानवरों, पौधों और मानव को यूकेरयोटे कहा जाता है। इनमें एक से ज्यादा कोशिकाएं होती हैं। वैज्ञानिकों ने पता लगाया कि यह ऐसा यूकेरयोटे था, जिसने ‘न्यूक्लियस’ के साथ आकार लिया था। इसका अर्थ यह हुआ कि खमीर बैक्टीरिया की कोशिका और लाखों साल पुरानी कोशिका की संतान थी। इस दृष्टि से हम उनके वंशज हैं।

आयरलैंड यूनीवर्सिटी के जीव वैज्ञानिक कहते हैं की - ‘इस न्यूक्लियस में हमे सभी प्रजातियों के डीएनए मिले हैं। यह हमेशा से गुत्थी रही है कि आखिर पहला न्यूक्लियस कैसे बना। अब हमें यह मालूम है।’ अब लोग इस पर विशवास करे या नहीं पर वैज्ञानिक इसे सिद्ध कर चुके हैं । " 

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