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Tuesday, June 24, 2014

"रेल वालो , फूलो फलो "

अरे ओ छोटू  !


हाँ  चाचा  !

कछु सुनत रहो की नाय ?

का भयो चाचा  ?

अभी अभी मोदी सरकार ने रेल भाड़े में 14.२  % की बढ़ोत्तरी  कर दी है। 


चाचा मोदी सरकार जनता को जो फिल्म दिखा रही है वो तो एकदम उस ट्रेलर से उल्टी साबित हो रही है  जिसको देखकर देश की भोली भाली जनता से इन्होने वोट मांगे थे ट्रेलर था "बहुत हुयी महंगाई की मार , अब की बार मोदी सरकार "! चाचा आने वाले 5 सालो में  जनता अपने आप को ठगी हुयी ही महसूस करने वाली है !

हाँ छोटू शायद ऐसा ही होगा !


अभी मोदी सरकार को बने हुए एक महीना  भी नहीं हुआ , कि हकीकत सामने आने लगी है , रेल भाड़े में 14. 2 % की भारी बढ़ोतरी  कर दी गयी है, एक बात सब जानते ही होगे की ये एक ऐसा मंत्रालय है जिसका मुनाफा साल में लगभग ६० हज़ार करोड़ से ऊपर ही रहता है  जिसे कभी कोई नुक्सान नही झेलना पड़ता फिर भी इन लोगो ने रेल भाड़े में बढ़ोतरी कर दी , अरे ऐसी क्या आफत  आ गयी थी, क्या आप लोग  इतने भूखे मर रहे थे ? क्या आप लोगो को पैसे  की कमी पड़   गयी थी   या सैलरी नहीं दे पा रहे  थे जो जनता की जेबो से पैसे निकालने लगे !

दुःख होता है मुझे जब मैं   इंडियन रेल की ट्रैन में जनरल डिब्बे में सफर करता हूँ , इतनी भीड़ , इतनी भीड़ की पैर तक रखने को जगह नही मिलती , मंत्री जी कभी आप भी सफर कर के देखिये अपनी प्यारी रेल के जनरल डिब्बे  में ,लोगो के दुखो का अहसास हो जायेगा आपको कितने  कष्ट झेलकर  बेचारी गरीब जनता जनरल डिब्बे में सफर करती है , इतनी लड़ाई गाली गलौच होती है सवारियो में की क्या बताये आपको  और सबसे मजेदार बात तो ये है की। टी.  टी से लेकर रेलवे पुलिस का कोई भी आदमी जनरल डिब्ब्बे में सिक्योरिटी के लिए नही रहता।  जब ट्रेन   किसी स्टेशन पर आधा   या एक घंटा  के लिए रूकती है तब जरूर वसूली  करने आ जाते हैं जनरल डिब्बे में ! मंत्री जी कभी आपका इस और ध्यान नही गया की ट्रेन  में जनरल डिब्बो की संख्या को बढ़ाया जाए  आपका ध्यान कैसे जाएगा इस और आप तो रेल से सफर करते ही नहीं जनरल डिब्बा तो बहुत दूर की बात. 





 आज आपने हमारा  खून चूसा है , आप को देखकर कल को ये राज्य सरकार वाले रोडवेज बसो का किराया बढ़ाकर हमारा खून चूसेंगे  . यहाँ जो भी   सरकार में  आता है अपने को शक्तिशाली देखकर जनता का खून चूसकर चला  जाता है ! रेल वालो आप को जयदा तंगी थी लो कर लो अपनी तंगी दूर गरीब जनता के पैसे से , रेल वालो तुम खूब फूलो फलो पर कम से कम अपनी रेल की हालत तो सुधार लो , बात करते हो देश में जापान की तरह तेज रफ़्तार से चलने वाली महंगी ट्रेनों को चलाने की , उसका क्या फायदा? अरे  पहले अपने रेल  कम से कम अपने इंडियन रेल के जनरल डिब्बे  की हालत तो सुधार  लो जिसमे गरीब लोग सफर करते हैं ! 

Tuesday, June 3, 2014

मै उत्तर प्रदेश हूँ !!

भाइयो मै एक ऐसा उत्तर प्रदेश हूँ जो अपने आप में ऐसे शहरों को समेटे हुए हूँ चाहे वो विरासत या संस्कृति के क्षेत्र में हो या विज्ञान की दौड़ में बढ़ते ओधोगिक विकास की बात हो ये शहर हर चीज़ में अपनी पहचान विश्व में बनाये हुए है. पर आज मै रो रहा हूँ अपने हालातो पर क्यों की मेरी बागडोर पिछले कई दशको से गलत हाथो में सौपी गयी है , मै एक राजनीती का मोहरा बनकर रहा गया हूँ कोई राम मंदिर के नाम पर तो कोई मस्जिद के नाम पर , तो कोई दलितों के नाम पर तो कोई मुसलमानो के नाम पर , हर कोई मेरा इस्तेमाल सिर्फ और सिर्फ सत्ता पाने के लिए करता है , मेरे विकास की तरफ कोई ध्यान नही देता , मेरी घर में जो जनता रहती है वो भी समझदार नहीं है , आपस में ही हिन्दू मुस्लिम के नाम पर लड़ते रहते हैं चाहे वो मुरादाबाद की हिन्दू मस्लिम हो या फिर मुजफरनगर के हिन्दू मुस्लिम दंगे !
                   यहाँ की पुलिस के बारे में मै कोई टिपण्णी नहीं करुगा , भगवान बचाये कभी किसी का पाला न पड़े, जो रही सही कसर थी वो अब बलात्कारियो ने पूरी कर दी . साहब मै अपना दुखड़ा किस को रोऊँ , आज मै इतना बदनाम हो चूका हूँ कि जब मेरे यहाँ का कोई स्टूडेंट भारत के किसी अन्य राज्य में पढ़ने जाता है तो सब उसकी मजाक बनाते हैं, कितनी शर्म महसूस होती है उसे ये कहते हुए की साहब मै यू . पी. से आया हूँ. अगर मेरे विकास पर सही से ध्यान दिया जाए और मेरे घर की जनता थोड़ा समझदार हो जाये तो मै भारत में ही नही बल्कि विश्व का सबसे सुंदर प्रदेश बन जाउगा , क्यों की मेरे शहर विश्व को बहुत कुछ देते है जैसे की कुछ शहरों के बारे में मै यहाँ बता रहा हूँ -



शहर विश्व में अपनी कला कौशल के लिए जाने जाते हैं तो कुछ अपनी तहजीब के लिए जैसे -

1. लखनऊ ( नवाबो का शहर , लखनवी तहजीब ) , 
2.कानपुर ( आई. आई. टी , चमड़ा उधोग ), 
3.आगरा ( ताजमहल , चमड़ा उधोग ), 
4.मेरठ ( विश्व स्तर पर स्पोर्ट से सम्बंधित सभी सामन ),
5. इलाहाबाद ( संगम, नेहरू जी , तकनिकी शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी ) , 
6.बनारस ( भगवान शिव की नगरी ), 
7.मुरादाबाद ( विश्व में सर्वाधिक पीतल का काम , पीतल नगरी ),
8.बरेली ( सुरमा ), 
9.बिजनौर ( भारत में सर्वाधिक चीनी उत्पादन जिला , 7 शुगर मिल ), 
10.सहारनपुर ( लकड़ी और फर्नीचर के काम के लिए विश्व प्रसीद ),
11.मथुरा-वृन्दावन ( भगवान कृष्णा की नगरी , धार्मिक तीर्थ स्थल, भारत के सबसे बड़ी आयल रिफायनरी , ), 
12.गाज़ियाबाद ( विश्व के टॉप 15 हॉट सिटी में शामिल ), 
13.नॉएडा ( सॉफ्टवेयर नगरी और विश्व स्तर की सभी बड़ी बड़ी कंपनी यहाँ पर है ),
 14.गोरखपुर .

                      पर मेरा नसीब ऐसा है ही नहीं की यहाँ के शासक मेरे विकास में चार चाँद लगाये , मुझे तो बस लोग राजनीति को मोहरा बना चुके हैं. !

"चलता हूँ अब बहुत रो लिया , ये तो रोज रोज का रोना है !

हालात पता नही कब सुधरेंगे , पर क्या करू यही मेरी धरती और बिछौना है !!"

                                                                                ------------------ मनोज

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