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Wednesday, May 15, 2013

"पाकिस्तान - दो तस्वीर "



भारत के साथ जब पाकिस्तान का जब जिक्र  होता है चाहे वो जिक्र किसी भी बात को लेकर क्यों न हो तो उस जिक्र का अपना एक महत्व होता  है जहा बात आ जाती है आन और शान की जो उस जिक्र को बेहद ही रोमांचक बना देता है
                                 अभी हाल ही ( फ़रवरी २०१३) में भारत के एक वरिष्ट पत्रकार श्री लज्जाशंकर हरदेनिया जी पाकिस्तान यात्रा पर गए थे . उनकी इस पाकिस्तान  यात्रा पर अप्रैल माह में " एन. आई . टी.टी.टी. आर" , संस्थान भोपाल   में एक व्यख्यान  का आयोजन हुआ और मुझको  इस व्यख्यान को सुनने का अवसर मिला . जिसको सुनने के बाद मुझे पाकिस्तान की दो तस्वीर साफ़ नजर आ रही थी . श्री हरदेनिया जी ने अपनी पकिस्तान यात्रा का जो विवरण किया उसके अनुसार पकिस्तान की आवाम को दो हिस्सों में बाटा जा सकता है जिसमे एक हिस्से में वो पाकिस्तान के वो बुद्धिजीवी लोग आते है जो भारत के साथ मैत्री सम्बन्ध चाहते है और दोनों देशो के बीच शांति और प्रेम को बढावा देना चाहते है . दुसरे हिस्से में वो वह के वो लोग है जो वह की जनता में भारत के खिलाफ जहर पैदा करते है और अनुचित गतिविधियों को बढावा देते है . 



                           श्री हरदेनिया जी वह ११ दिन रहे और उन्हें इन ११ दिनों में कराची शहर और आस पास के क्षेत्र में अनेक प्रकार के लोगो से मिलना हुआ . उन्होने बताया की उन्हें वह किसी भी प्रकार की कोई तकलीफ नहीं हुयी किसी भी चीज़ को लेकर सभी ने उनका आदर सत्कार किया. उन्होने अपने इस व्यख्यान में कुछ रोचक चीजो का भी जिक्र किया जिनमे से कुछ इस तरह है -





(१) एक बात उन्होने  पाकिस्तान की एक चर्चित महलिया सीमा किमरानी जी के बारे में कही , ये पाकिस्तान की वो महिला है जो पाकिस्तान में रहकर भी वहा पर भारतीय शास्त्रीय संगीत को जिन्दा रखे हुए है और  इसकी शिक्षा देती है ये एक ऐसी निडर महिला है जिन्होंने पाकिस्तान के वजीरे आला के तमाम कोशिशो और जुल्मो के बाबजूद  भी अपनी भारतीय शास्त्रीय संगीत की पूजा को नहीं छोड़ा .

(२) जब एक भारतीय और पाकिस्तानी के बीच बात हो रही हो और कश्मीर का जिक्र न हो ऐसा शायद ही हो कश्मीर के बारे में भी मुझे कुछ नया सुनने  को मिला हालाकि ये बात काफी लोगो को मालूम होगी पर मुझे उस दिन ही पता चली इसमें कोई शक नहीं आज कश्मीर की जनता सबसे जायदा परेशान  है मगर इसके लिए कौन जिम्मेदार है भारत  या पाकिस्तान यहाँ एक बात सुनने को ये मिली की जब भारत और पकिस्तान का विभाजन हुआ तो उस समय कश्मीर के राजा  की एक बहुत बड़ी गलती ये थी की वो ये निर्णय ही नहीं ले पाए की उन्हें पकिस्तान में जाना है या भारत में रहना है

 .(३) तीसरी बात ये पता चली की जब पकिस्तान के एक व्यक्ति ने श्री हरदेनिया जी से कहा की आपके भारत में एक भी ऐसा नेता नहीं हुआ जिसने पाकिस्तान का भला चाहा  हो तब हरदेनिया जी ने भी एक हिन्दुस्तानी होते हुए इस बात को बर्दास्त नहीं किया और कहा जनाब  जब भारत का बटवारा हुआ था तब भारत सरकार  को पाकिस्तान को ५० करोड़ रूपये देने थे  जिसमे हो रही देरी को लेकर महात्मा गांधी जी ने एक अनशन किया और भारत सरकार को मजबूर किया की वो पाकिस्तान को ५० करोड़ रूपये हर हाल में दे , जो दिए भी गये. और ये भी पता चला की महात्मा जी की इस बात से क्षुब्ध होकर नाथू राम गोडसे ने उनकी गोली मारकर  हत्या की . 


(४) एक बात और हरदेनिया जी ने कही की वहा ११ दिनों तक उन्होने जो न्यूज़ पेपर पढ़े उनमे से किसी में भी उन्होने कोई ऐसी खबर नहीं पढ़ी जो भारत के खिलाफ हो या भारत के प्रति भड़काऊ विचार उजागर करती हो .

                                        वहा के हालतों को श्री हरदेनिया जी ने देखा और यही निष्कर्ष निकला  की पाकिस्तान की आवाम भी बहुत परेशान है दोनों देशो के बीच बनी हुयी अनबन को लेकर. पाकिस्तान में शिक्षा के हालात भारत से कही जायदा बत्तर है

 नोट - मेरा सभी पाठक बन्धुओ से ये अनुरोध है   उपरोक्त सभी बातो से ये निष्कर्ष न निकाले  की मै पाकिस्तान की तारीफ़ कर रहा हु मै इस लेख के माध्यम से केवल वहा के हालातो से उजागर करा रहा हु जो की मै ने हरदेनिया जी के इस व्यख्यान में नज़र आई .


                              



                                                 आईये अब आते है हाल ही में घटी कुछ घटनाओं पर जिनमे से कुछ इस प्रकार है -

(१) अभी हाल में पाकिस्तान की जेल में बढ़ भारतीय सरबजीत सिंह की उस जेल में बंद पाकिस्तानी कैदियों द्वारा हमला किया गया जिसके कारण उनकी मौत हो गयी .

(२) बॉर्डर पर भी पाकिस्तानी सैनिको द्वारा भारतीय सीमा में घुसपैठ की घटना होती रहती है और वो २ भारतीय सैनिको  सर काट कर ले गये.

(३) भारत में मुंबई बम ब्लास्ट होना .

                                          पाकिस्तान की और से बढ़ रही इन गतिविधियों से अभी तक ये साफ़ है की उसका भारत के प्रति रूख बेहद ही ख़राब है जिसमे दोस्ती की कही कोई किरण नज़र नहीं आती है और ऐसा करके वो हम भारतीय को ही नहीं बल्कि  शायद  पाकिस्तान की उस आवाम को खुश नहीं देखना  चाहता है जो जो शान्ति से जीना चाहती है . 

                           

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