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Wednesday, December 23, 2009

स्यू कोलमैन : A Lady Who Lives with Snake



घर में सांप निकल आए, तो अच्छे अच्छों के पसीने छूट जाते हैं। लेकिन पूर्वी लंदन में एक महिला को रेंगने वाले इस जंतु का साथ इतना पसंद है कि उन्होंने अपने घर में एक, दो नहीं बल्कि 45 सांप पाल रखे हैं।


60 वर्षीय स्यू कोलमैन अपनी उम्र की अन्य औरतों से जरा हटकर हैं। एक ऐसी उम्र में जबकि महिलाएं नाती पोतों के साथ खेलने, बागवानी या घर के एक कोने में बैठकर स्वेटर बुनना पसंद करती हैं, स्यू का ज्यादा समय अपने दोस्तों यानी सांपों के साथ गुजरता है।

 वह लेटनस्टोन स्थित अपने घर में सांपों के साथ पूरा दिन खेलती या बैले डांस करती रहती हैं। इन्हें देखकर उनके पड़ोसियों का भी अच्छा खासा मनोरंजन होता है। स्यू को रेंगने वाले अपने इन साथियों से बेहद लगाव है।

वह कहती हैं, मैं इनसे बहुत प्यार करती हूं। अगर आप इनकी ढंग से देखभाल करो तो ये लंबे समय तक आपका साथ देते हैं। पिछले 17 सालों से उन्होंने अपने घर को चिडि़याघर बना रखा है। उनके पास सांपों का अच्छा खासा संग्रह है, जिनमें कई भिन्न प्रजाति के सांप शामिल हैं। स्यू ने बताया कि हाल ही में उन्होंने दस फीट लंबा एल्बिनो अजगर खरीदा है।

Monday, November 2, 2009

Dual Screen Laptop made by Alaskan Company


An Alaskan company named gScreen has plans to produce a dual-screen laptop before the end of the year. Called the Spacebook and available on Amazon, it will be the first laptop with a built-in secondary screen that slides out from behind the primary one. Here's a summary of what to expect:Screen size: two 16- or 17-inch screens with a 13- or 14-inch model to followOperating system: Windows 7 (Vista or XP are optional)Processor: Intel Core 2 Duo (2.80 GHz or 2.53 GHz)Memory: 4 GBsGraphics card: Nvidia GF900M GTBattery life: nothing mentioned, but it will contain a 9Cell, li-onWeight: around 9 poundsPrice: around $3,000One of two concerns I have about these units is how long the battery will last having to power two screens.

 I couldn't find any information on battery life or about what type of screens the Spacebook will feature (TFT or LCD), but it may very well prove to be a challenge to accomplish any mobile work with one of them. If I were going to buy one, I would definately purchase an extra battery or two. Considering how much juice laptop screens require, I think the Spacebook would be a great candidate for eventually incorporating a new type of screen technology called OLED (Organic Light Emitting Diodes).

 The first single screen laptops featuring OLED won't appear until 2010, but these models boast an amazing 9 hour battery life. Unlike LCDs, which are constantly consuming power, OLED displays only use power when they give off light. This translates into a power savings of about 75%. In my opinion, this would be a much better choice for a dual-screen laptop.


Using OLED technology would also help out with the second concern of mine--the weight issue. OLED displays don't have to be backlit, so the components to do this can be eliminated from the unit, therefore making it lighter. The screens are much thinner, provide better color, and have a better viewing angle as well.

Saturday, September 26, 2009

गांधीनगर के चराड़ा गांव निवासी प्रहलाद भाई !


"अंबा माता जी के पास गब्बर पर्वतमाला की गुफा में रह रहे चुनरी वाले माताजी पिछले 65 साल से बिना कुछ खाए-पिए रहने तथा दैनिक क्रियाओं को भी योग की शक्ति से रोक देने की वजह से चिकित्सा विज्ञान के लिए एक चुनौती बन गए हैं। "

मुंबई तथा अहमदाबाद के चिकित्सकों ने सीसीटीवी के बीच उनकी जांच भी की लेकिन उनके इस रहस्य पर से पर्दा उठाने में वे भी नाकाम रहे। पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने भी इसमें रुचि दिखाई है, यदि माताजी के ऊर्जा का स्रोत का पता चल जाता है तो शायद यह अंतरिक्ष यात्रियों एवं सेना के जवानों के लिए कारगर साबित होगा।


गांधीनगर के चराड़ा गांव निवासी प्रहलाद भाई जानी कक्षा तीन तक पढे़ लिखे हैं। ग्यारह वर्ष की उम्र में उन्हें ज्ञान प्राप्त हुआ, और उन्होंन घर त्याग कर जंगलों में रहना शुरू कर दिया। जानी का दावा है कि दैवीय कृपा तथा योग साधना के बल पर वे करीब 65 वर्ष से वह बिना कुछ खाए पिए जिंदा हैं। इतना ही नहीं मल मूत्र त्यागने जैसी दैनिक क्रियाओं को योग के जरिए उन्होंने रोक रखा है। स्टर्लिग अस्पताल के न्यूरोफिजिशियन डा. सुधीर शाह बताते हैं कि जानी के ब्लेडर में मूत्र बनता है लेकिन कहां गायब हो जाता है इसका पता करने में विज्ञान भी अभी तक विफल ही रहा है। 

रक्षा मंत्रालय के डा. सेल्वा मूर्ति की अगुआई में 15 चिकित्सकों की टीम ने लगातार दस दिन तक उनका वीडियो कैमरों के बीच चिकित्सकीय परीक्षण भी किया लेकिन उनके समक्ष आज भी चुनरी वाले माता जी का यह केस एक यक्ष प्रश्न ही बना हुआ है। डा. शाह बताते हैं कि पहली बार माताजी का मुंबई के जे जे अस्पताल में परीक्षण किया गया था लेकिन इस रहस्य से पर्दा नहीं उठ सका।

वे बताते हैं कि यह माताजी कभी बीमार नहीं हुए, उनकी शारीरिक क्रियाएं सभी सामान्य रूप से क्रियाशील हैं। चिकित्सक समय समय पर उनका परीक्षण भी करते हैं लेकिन ब्लड प्रेशर, हार्ट बीट आदि सभी सामान्य ही पाई गई हैं। चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान डिस्कवरी चैनल ने भी उन पर एक लघु फिल्म तैयार की है। इसके अलावा डा. शाह ने भी माताजी के तथ्यों को केस स्टडी के रूप में अपनी वेबसाइट पर डालकर दुनिया के चिकित्सकों को इस पहेली को सुलझाने की चुनौती दी है, लेकिन फिलहाल तक कोई भी इस पहेली को नहीं सुलझा पाया है।

Reference: Dainik Jagran News Paper

Wednesday, July 29, 2009

J.R.D. Tata : Man For Air India




Keywords: Biography of J.R.D Tata in Hindi, Life of J.R.D. Tata , जे.आर.डी. टाटा :एक का जीवन परिचय, Who was J.R.D Tata in Hindi, Life detail of J.R.D Tat in Hindi, J.R.d Tata - A man for Air India , Full Name of J.R.D Tata in hindi and English, History of J.R.D tata, History of J.R.D Tata in hindi, Success story of J.R.D Tata, Quotes of J.R.D tata, J.R.D Tata Family Tree, J.R.D tata scholarship for engineering student, principles of JRD Tata,JRD TATA TAJMAHAl Hotel, JRD Tata as Role model,JRD tata on ethics,JRD Tata Business history in hindi,JRD TATA Interview in hindi,JRD TATA leadership in hindi, information about JRD TATA life in hindi
 " भारतीय उद्योग जगत के प्रमुख स्तंभ जेआरडी टाटा बहुमुखी प्रतिभा के धनी उद्यमी थे तथा भारतीय कंपनी जगत में उन्हें कार्पोरेट गवर्नेस और सामाजिक दायित्व की परिकल्पनाओं को पहली बार लागू करने वाले उद्योगपति के रूप में जाना जाता है।"

जेआरडी के नाम से मशहूर जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा ने न केवल टाटा समूह को अपने कुशल नेतृत्व में देश में अग्रणी उद्योग घराने में तब्दील कर दिया बल्कि उन्होंने कर्मचारियों के कल्याण के उद्देश्य से कई ऐसी योजनाएं शुरू की जिन्हें बाद में भारत सरकार ने कानूनी मान्यता देते हुए अपना लिया।



टाटा समूह ने जेआरडी के कुशल नेतृत्व में आठ घंटे का कार्यदिवस, निशुल्क चिकित्सा सहायता, कर्मचारी भविष्य निधि योजना और कामगार दुर्घटना मुआवजा योजना जैसी सामाजिक दायित्व वाली कई योजनाओं को देश में पहली बार शुरू किया।

उद्योग संगठन एसोचैम के महासचिव डी एस रावत के अनुसार जेआरडी टाटा का भारतीय उद्योग जगत में महज इसलिए सम्मान नहीं किया जाता कि उन्होंने टाटा समूह जैसे बड़े उद्योग घराने का कई दशकों तक नेतृत्व किया था, बल्कि भारतीय कंपनी जगत में पहली कार्पोरेट गवर्नेस और सोशल रिस्पांसेबिलिटी की योजनाएं पहली बार शुरू करने के लिए भी याद किया जाता है।

 जेआरडी टाटा एक उद्यमी के रूप में भी प्रतिभासंपन्न व्यक्ति थे जिनकी सोच अपने समय से बहुत आगे की थी। उनके इस नजरिए से न केवल टाटा समूह बल्कि भारतीय उद्योग जगत को भी काफी लाभ मिला। जेआरडी टाटा जी का जन्म 29 जुलाई 1904 को फ्रांस में हुआ। उनके पिता पारसी और मां फ्रांसीसी थीं। जेआरडी के पिता और जमशेदजी टाटा एक ही खानदान के थे। 

जेआरडी टाटा जी ने फ्रंास, जापान और इंग्लैंड में शिक्षा ग्रहण की और फ्रांसीसी सेना में एक वर्ष का अनिवार्य सैन्य प्रशिक्षण लिया। वह सेना में बने रहना चाहते थे, लेकिन अपने पिता की इच्छा के कारण उन्हें यह काम छोड़ना पड़ा।

उन्होंने वर्ष 1925 में बिना वेतन वाले प्रशिक्षु के रूप में टाटा एंड सन में काम शुरू किया। उनके व्यक्तित्व का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू विमानन था। उन्हें देश का पहला पायलट होने का भी गौरव प्राप्त है। उन्होंने टाटा एयरलाइंस बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जो बाद में एयर इंडिया बनी। उन्होंने विमान उड़ाने के शौक को 1932 में टाटा एविएशन सर्विस कायम कर पूरा किया।

उन्होंने 1948 में एयर इंडिया इंटरनेशनल की भारत की पहली अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन की शुरूआत की। 1953 में भारत सरकार ने जेआरडी को एयर इंडिया का अध्यक्ष बनाया तथा वह 25 साल तक इंडियन एयरलाइंस के निदेशक मंडल के सदस्य रहे।

महज 34 वर्ष की उम्र में जेआरडी टाटा एंड संस के अध्यक्ष चुने गए। उनके नेतृत्व में समूह ने 14 उद्यम शुरू किए और 26 जुलाई 1988 को जब वह इस जिम्मेदारी से मुक्त हुए तो टाटा समूह 95 उद्यमों का गठजोड़ बन चुका था।


कर्मचारियों के हितों का बेहद ध्यान रखने वाले जेआरडी के नेतृत्व में टाटा स्टील ने एक नई परिकल्पना शुरू की। इसके तहत कंपनी का कर्मचारी जैसे ही काम के लिए अपने घर से निकलता है, उसे कामगार मान लिया जाता। यदि कार्यस्थल आते जाते समय कामगार के साथ कोई दुर्घटना होती है तो कंपनी इसके लिए वित्तीय रूप से जिम्मेदार होगी।

जेआरडी को विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। भारत सरकार ने उन्हें 1957 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया। बाद में 1992 में उन्हें देश के सर्चेच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
भारत के इस विख्यात उद्योगपति का 29 नवंबर 1993 को जिनेवा के एक अस्पताल में निधन हो गया।

Tuesday, July 7, 2009

दुनिया की कुछ बड़ी ईमारतें : Some Highest Buildings in the World ( Sears Tower Chicago)

यदि आप ऊंचाई से डरते हैं तो फिर यह पोस्ट आपके लिए नहीं है। नहीं नहीं बस ऐसे ही कह रहा हूँ।  यह  वर्धक पोस्ट है जो सभी के लिए है। इस पोस्ट में हम बात करेंगे दुनिया की कुछ ऊँची ईमारतों  के बारे में , जो आसमान की ऊचाइयों को छु रही है।

 दुनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंगों में एक शिकागो के सीयर्स टावर पर आजकल रोमांच की एक नई कहानी लिखी जा रही है। इस बिल्डिंग की 103वीं मंजिल की बालकनी पर हवा में लटकता हुआ एक प्लेटफार्म बनाया गया है। और उस प्लेटफार्म पर कांच के चार बक्से लगाए गए हैं। यह ऊंचाई करीब 1,353 फीट है। 10 फीट चौडे़ व ऊंचे इन प्लेटफार्मो को नाम दिया गया है द लेज [कगार]।


सीयर्स टावर

                               
पांच टन वजनी इन प्लेटफार्मो में 1.5 इंच मोटा कांच लगाया गया है। सीयर्स टावर के मालिक जान ह्वस्टन के मुताबिक इन्हें बनाने का मकसद है लोगों को यह एहसास कराना जैसे वे शहर के ऊपर उड़ रहे हों। भयावह होते हुए भी इसका मजा उठाने के लिए खूब भीड़ उमड़ रही है। इनमें बच्चे और बूढ़े भी शामिल है।

बिशप [कैलिफोर्निया] से आई मार्गरेट कैंप के लिए यह कभी न भूल पाने वाला अनुभव रहा। उनके शब्दों में, इसे बयान करना मुश्किल है। ऐसा लग रहा था मैं बर्फ पर चल रही हूं। लेकिन बच्चों की मौज हो गई है। कुछ बाक्स के फर्श पर लेटकर आसमान में लेटे होने का एहसास कर रहे हैं तो कुछ शहर को यूं निहार रहे हैं मानों अपना घर ढूंढ रहे हों। 10 वर्षीय इलिनायस ने बताया, पहले तो डर लगा। लेकिन फिर मजा आने लगा। मैं इतनी ऊंचाई पर था कि बादल भी हमसे नीचे थे।


वैसे दुनिया की सबसे ऊंची इमारत दुबई की बुर्ज दुबई है। उसकी ऊंचाई 2,684 फीट है।

Thursday, June 25, 2009

Important Features of Microsoft Security Essentials : माइक्रोसाफ्ट का नया सुरक्षा साफ्टवेयर :


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विंडोज   को वायरसों तथा गोपनीयता भंग होने से बचाने की आशा के साथ माइक्रोसाफ्ट ने मंगलवार को 'माइक्रोसाफ्ट सिक्युरिटी इसेन्शिएल्स' नामक एक सुरक्षा पैकेज को परीक्षण के लिए जारी किया।




 समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार इस साफ्टवेयर के विकास का उद्देश्य वर्ष 2007 में माइक्रोसाफ्ट द्वारा जारी किए गए विंडोज डिफेंडर को हटाना है। कंप्यूटरों की सुरक्षा में विफल रहने के कारण इसका काफी मजाक उड़ाया गया।


अपने विंडोज आपरेटिंग सिस्टम के लिए कोई प्रभावी सुरक्षा साफ्टवेयर उपलब्ध कराने में विफल रहने के कारण माइक्रोसाफ्ट की काफी आलोचना होती रही है। प्रतिद्वंद्वी लिनक्स और एप्पल सिस्टमों की तुलना में विंडोज अधिक वायरसों और हैकरों के शिकार होते है।



दुनिया की सबसे बड़ी साफ्टवेयर निर्माता कंपनी ने कहा कि माइक्रोसाफ्ट सिक्युरिटी इसेंशिएल्स पहले अमेरिका, इजरायल, ब्राजील और चीन के 75,000 ग्राहकों को उपलब्ध कराया जाएगा। इस साफ्टवेयर का उद्देश्य उपयोगकर्ता को लगातार सुरक्षा चेतावनी और काफी अधिक सिस्टम्स स्त्रोतों के उपयोग के बगैर पृष्ठभूमि से सुरक्षा साफ्टवेयर का संचालन करना है। इस साफ्टवेयर के पूर्ण संस्करण के सितंबर में आने की संभावना है।

माइक्रोसाफ्ट का नया सुरक्षा साफ्टवेयर

डायनामिक ब्लॉग एवं मेरा परिचय ! ( About Dynamic Blog and Me)


डायनामिक  ब्लॉग पर आपका स्वागत है ! 

!! मेरे बारे में !!


मेरा नाम मनोज कुमार है , मैं उत्तर प्रदेश के जिला बिजनौर के एक छोटे से गाव का रहने वाला हू।  बचपन से अखबार पढ़ने में विशेष रुचि रही है।  बचपन में अखवार में छपी कहानी  , अखबार में छपी विज्ञान जगत से जुडी रोचक खबरों को पढ़ना , अपने दोस्तों को उसके बारे में बताना भी अच्छा लगता था।  इसी आदत ने मुझको ब्लॉग लिखने के लिए  प्रेरित किया। 

 मैंने डायनामिक नाम से अपना ब्लॉग शुरू किया जो वर्तमान में आपके समक्ष प्रस्तुत है।  डायनामिक ब्लॉग के अतिरिक्त आप विज्ञान, तकनीक , स्वास्थ्य  सम्बंधित मेरे लेख साईन्स ब्लोग्गेर्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया  एवं  साइंटिफिक वर्ल्ड  पर भी पढ़ सकते हैं। 


"राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रोधोगिकी संचार परिषद नयी दिल्ली" एवं "तस्लीम" ( वर्तमान में साइंटिफिक वर्ल्ड ) संस्थाओ के द्वारा आयोजित की गयी "ब्लॉग लेखन द्वारा विज्ञान संचार " नाम की वर्कशॉप में मुझे विषय विशेषज्ञ के रूप में वर्कशॉप के प्रतिभागियों को ब्लॉगिंग के बारे में सिखाने का अवसर प्राप्त हुआ। 


इसके अतिरिक्त मेरे कुछ लेखो को समाचार पत्रो जैसे दैनिक जागरण , जनसंदेश टाइम, हिंदुस्तान टाइम एवं अमर उजाला में भी जगह दी गयी है। अंत में अपने ब्लॉग के सभी पाठकगणों से मेरा निवेदन है की वो ब्लॉग पर आते रहे और अपने सुझावों दवरा मुझे और अच्छा लिखने के लिए प्रेरित करे एवं अपना मार्गदर्शन बनाये रखे। 










!! ब्लॉग के बारे में !! 


"डायनामिक" ब्लॉग का प्रमुख उदेश्य विज्ञान संचार को ध्यान में रखते हुए ब्लॉग के माध्यम से  पाठको को  विज्ञान की विभिन्न विधाओ से सम्बंधित जानकारियो से अवगत कराना है। जिनमे मुख्य रूप से समय के साथ साथ टेक्नोलॉजी , नयी नयी खोजो  से सम्बंधित जानकारी , सेहत सम्बंधित , अंतरिक्ष विज्ञान ,  कृषि विज्ञान आदि प्रमुख हैं। 

इन  जानकारियो को प्रस्तुत करते समय लेख का विशेष ध्यान रखा गया है। यह जानकारी या इसका मूल सन्देश आपको अन्य कही भी मिल सकती है ,परन्तु यहाँ पर लेख की प्रस्तुति , उसके रोचकता , उसकी सामग्री को नवीनता के साथ  प्रस्तुत किया गया है।  जो लेखक के अपने हैं। 

इसके अतिरिक्त "डायनामिक" ब्लॉग पर कुछ  सामजिक लेखो को भी जगह दी गयी है ,जो हमारे देश के उन सामजिक घटनाओ और परिदृश्यों को उजागर करती हैं जिनके सन्देश पर  अमल करने की आवश्यकता है। जो लेखक के अपने विचार हैं। 

डायनामिक ब्लॉग पर प्रस्तुत सभी रचनाये एवं लेख हर आयु के व्यक्ति के लिए पठनीय एवं ज्ञानवर्धक है। इस ब्लॉग पर लिखी जाने वाली सभी विज्ञान एवं तकनीक सम्बन्धी रचनाये उन सभी महत्वपूर्ण  विषयो एवं तथ्यों को उजागर करती हैं ,जिनका हमारी दिनचर्या में उपयोग है एवं जो हमारी  जिंदगी में विशेष महत्व रखती हैं।  हमारे जीने के ढंग को प्रभावित करती हैं। 

डायनामिक ब्लॉग पर व्यक्तित्व विकास एवं कुछ प्रेरणाप्रद रचनाओ को विशेष महत्व दिया गया है।  ये रचनाये वैसे तो हर आयु के व्यक्तियों के लिए हैं किन्तु इनको डायनामिक ब्लॉग पर लिखने का मुख्य उदेश्य छात्र वर्ग के पाठको को सफलता की और अग्रसर करना है ताकि वो कठिन समय में भी अपनी हिम्मत न हारे और अपने लक्ष्य की और अग्रसर रहे। 

मैं आशा करता हूँ  कि  आपको ब्लॉग की रचनाये पसंद आएगी। आपके सुझाव पोस्ट पर  कमेंट के रूप में आमंत्रित हैं।  ब्लॉग पसनद आने पर कृपया इसका अनुसरण करे और अपने सुझावों  से  मार्गदर्शित करे।  

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                                                                                                                                         मनोज कुमार 

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