जी हां अब कंप्यूटर जी भी धरती में पानी का पता लगायेंगे । असल में आज के टाइम में वैसे भी धरती में पानी की कमी का आंकलन किया जा रहा है और कोसि...

जी हां अब कंप्यूटर जी भी धरती में पानी का पता लगायेंगे । असल में आज के टाइम में वैसे भी धरती में पानी की कमी का आंकलन किया जा रहा है और कोसिस की जा रही ही धरती में छिपे पाने के श्रोतो का पता लगाने की ताकि की ये धरती फिर से हरी भरी हो जाए । कोई तो ऐसा हो जो एस धरती को उसका पानी लौट शायद ये कंप्यूटर इस काम में कुछ मदद करे आओ जानते है कुछ इसके बारे में।
वैज्ञानिकों ने एक ऎसा कम्प्यूटर बनाया है जो जमीन में दफन पानी के भण्डार को खोज निकालने में मदद करेगा। ऑस्ट्रेलिया के रेगिस्तान के नीचे अब भी पानी के सोते मौजूद हैं। लाखों साल से जमीन में दफन पानी के इस भंडार को खोज निकालने के लिए वैज्ञानिकों ने पानी के बहाव पर निगाह रखकर एक कम्प्यूटर मॉडल तैयार किया है। इस मॉडल के आधार पर भूमिगत पानी का मैप तैयार किया गया है।ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी की एक टीम ने सेन्ट्रल ऑस्ट्रेलिया स्थित सिंपसन रेगिस्तान की सतह के नीचे मौजूद पानी की मैपिंग की है। इसे बनाने वाले प्रोफेसर माइकल हचिंसन का कहना है, रेगिस्तान की सतह से 35 मीटर नीचे नदियों और झीलों का नेटवर्क दबा हुआ है। एक समय में ऑस्ट्रेलिया का यह हिस्सा आज से ज्यादा नमीवाला और हराभरा हुआ करता था। इस कम्प्यूटर मॉडल के आधार पर यह भी अंदाजा लगाया जा सकता है कि आज बहने वाली नदियों की भविष्य में क्या स्थिति हो सकती है।
लेकिन भैया हम इंडिया में रहते है यहाँ तक देखो कब तक ये तकनीक उपयोग में लायी जाती है भारत में काफी जगह ऐसी है जो पानी के लिए तरस रही है देखो कब तक और उनको इंतजार करना पड़ता है। फिर हाज़िर होंगे किसी नयी जानकारी के साथ ............
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