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"पर्वत पुरष स्वर्गीय श्री दशरथ मांझी जी का नाम पिछले कुछ दिनों से चर्चाओ में हैं। जिसका एक कारण अभी हाल ही में 17 अगस्त को उनकी पुण्यतिथि का होना है और दूसरा कारण उनके जीवन से प्रेरित फिल्म "Manjhi: The Mountain Man" का आज 21 अगस्त 2015 को रिलीज़ होना भी है। जिसमे उनका किरदार जाने माने कलाकार नवाजुद्दीन सिद्द्की साहब निभा रहे हैं और इस फिल्म का निर्देशन किया है केतन मेहता साहब ने। आइये जानते हैं स्वर्गीय श्री दशरथ मांझी जी के जीवन से जुडी कुछ महत्वपूर्ण बाते। "
जन्म एवं उनके जीवन के कुछ विशेष क्षण
स्वर्गीय श्री दशरथ मांझी जी का जन्म सन 1934 में बिहार राज्य में गया के समीप गेहलौर गाव में हुआ था। उनको पर्वत पुरुष के नाम से भी जाना जाता है। अगर हम उनके जीवन को देखे तो हम पायेगे कि उनका जीवन बहुत ही कष्टप्रद था। सन 1959 में समय पर चिकत्सा सेवा उपलब्ध न हो पाने के कारण उनकी पत्नी फागुनी देवी जी का देहांत हो गया क्यों कि उनके गाव से चिकत्सा केंद्र की दूरी 70 किलोमीटर दूर थी। उनके गाव से चिकत्सा केंद्र तक पहुचने के लिए एक गेहलौर नाम के पहाड़ को पूरा घूमकर जाना पड़ता था जिस कारण से उनके गाव से चिकत्सा केंद्र की दूरी इतनी अधिक पड़ती थी। इस घटना से मांझी जी को बहुत आघात पंहुचा और उन्होने मन ही मन इस पर्वत को तोड़कर रास्ता बनाने की ठान ली , ताकि इस दूरी को कम किया जा सके और गाव वालो को इसका लाभ मिल सके एवं कम समय में चिकत्सा केंद्र पहुंच सके।
महत्वपूर्ण कार्य

मांझी जी ने अपना साहस नही छोड़ा और धैर्य के साथ अपने कार्य को पूरा किया और 22 वर्षो (1960 -1982 ) के कठिन परिश्रम के बाद आखिरकार उन्होने मात्र एक हैथोड़े और छैनी की मदद से यह रास्ता बना दिया। उनके दवरा बनाये गए इस रास्ते के कारण बिहार के गया जिले के ब्लॉक अत्रि एवं वजीरगंज के बीच की दूरी 55 किलोमीटर से घटकर मात्र 15 किलो मीटर रह गयी। उनके इस कठिन परिश्रम से गाव के लोगो को बहुत आसानी हुयी। इस कार्य के दौरान मांझी जी ने कहा था कि शुरुवात में गाव के लोग उनका मजाक बनाते थे लेकिन धीरे धीरे गाव वालो ने उनके लिए भोजन का एवं औजार खरीदने में उनकी मदद की।
निधन
17 अगस्त सन 2007 को कैंसर के कारण नयी दिल्ली के ऐम्स अस्पताल में इस साहसी पुरुष एवं सामंज सेवी का निधन हो गया। बिहार में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
पहचान एवं सम्मान

इसके अतिरिक मार्च 2014 में फिल्म कलाकार आमिर खान जी द्वारा प्रस्तुत किये जाने वाला धारावाहिक "सतयमेव जयते " के दुसरे सत्र में एक भाग स्वर्गीय दशरथ मांझी जी को ही समर्पित था।
मजदूरी कर अपना जीवन व्यतीत करने वाले स्वर्गीय श्री दशरथ मांझी जी सही मायनो में एक साहसी एवं समाज सेवी थे। 22 वर्षो तक उन्होने धैर्य के साथ अपने साहस को बनाये रखा एवं गाव वालो के हित के लिए इतना कष्टपूर्ण लेकिन महान कार्य किया।
स्वर्गीय श्री दशरथ मांझी जी को शत शत नमन !!
Reference: Posts from Different English News Papers, Image Reference : Google Search
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